माँ , माता , माई ,
चलें सालों साल ,बीतें कई दौर !
माँ की ममता की नहीं कोई सीमा,
इससे बड़ी नहीं है कोई बीमा,
सबसे अलग है माँ का कोमल दिल,
उसकी तुलना करना है मुश्किल !
माँ से ज्यादा हमारा ख़याल न रखे कोई ,
हमें हो दर्द या तकलीफ वो न सोइ ,
माहि करती है बच्चों का दुलार,
चाहे सारा जग हो बैरी,वो करती है प्यार!
हमारे हिस्से का भी ले लेती है ग़म ,
चाहे कितना भी करो, उसका प्यार न होता कम ,
दोस्त, यार ,दिलबर,चाहे जीवन में हो अनेक,
माँ जैसी न कोई ,सिर्फ है वॉ बस एक !
माँ से ही मिलती हमें जीवन की सीख ,
माँ ही करती है हमारी परेशानियां ठीक ,
माँ से ज्यादा हमें जाने ना कोई ,
भगवन का रूप धरती पर ये माँ ही होइ!
किसी नाम से पुकारो भाई ,
इस नाम का जादू है कुछ और,चलें सालों साल ,बीतें कई दौर !
माँ की ममता की नहीं कोई सीमा,
इससे बड़ी नहीं है कोई बीमा,
सबसे अलग है माँ का कोमल दिल,
उसकी तुलना करना है मुश्किल !
माँ से ज्यादा हमारा ख़याल न रखे कोई ,
हमें हो दर्द या तकलीफ वो न सोइ ,
माहि करती है बच्चों का दुलार,
चाहे सारा जग हो बैरी,वो करती है प्यार!
हमारे हिस्से का भी ले लेती है ग़म ,
चाहे कितना भी करो, उसका प्यार न होता कम ,
दोस्त, यार ,दिलबर,चाहे जीवन में हो अनेक,
माँ जैसी न कोई ,सिर्फ है वॉ बस एक !
माँ से ही मिलती हमें जीवन की सीख ,
माँ ही करती है हमारी परेशानियां ठीक ,
माँ से ज्यादा हमें जाने ना कोई ,
भगवन का रूप धरती पर ये माँ ही होइ!



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