वोह हसीं लम्हे ,जब बाहों में थी बाहें,
मीठी सी मुलाकातें, सिसकती हुई आहें,
वोह छिप-छुपके मिलना,रूठना और मनाना ,
बातों ही बातों में रूलाना और हसाना.
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
वोह पहली मुलाक़ात ,वोह चांदनी रात,
जब हम थे साथ,थे हाथों में हाथ,
वोह समुन्दर का किनारा ,अनगिनत लौंग ड्राइव्स ,
कॉफ़ी,पिज्ज़स और मच्दोनल्द्स के फ्राइज।
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
फ़ोन पे बातें,वोह पहली किस,
सुनी सी रातें जब तुम्हे करती थी मिस.
कभी बाग़ की सैर, कभी घर पर मुलाकात,
सुलगती लम्हें जब तुम थे साथ.
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
कहाँ गया वोह तुम्हारा बेइन्तेहा प्यार,
वोह वादें,वोह कसमें,अब कैसे करू ऐतबार?
इतने कर्रेब थे तो यह दूरियां अब क्यूँ?
क्यूँ चल दिए, बिना बताये यूँ?
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
गर दूर जाना ही था ,तो नजदीकियां क्यूँ?
क्यूँ हसीं सपने दिखाके रुलादिया यूँ?
क्या यहीं थी तुम्हारे प्यार की पहचान,
तुम वहीँ हो न जो कहते थे मुझे जान?
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
बिना कुछ बताये दूर चल दिए,
मेरे दिल के अरमानों को चूर कर दिए,
तुम्हारी बात और है ,पर मैंने किया था प्यार,
तुम्हें दिल और जान से चाहते थे यार.
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
इस्सलिये अब भी, तुम यादों में हो,
मेरे कल में,मेरे आज में ,ख्यालों में हो.
अब भी सोचती हु, वोह दिन लौट आयें,
यह दूरियां मिट जाएँ ,तुम मेरी बाहों में आये.
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।
काश जो बीत गया वो एक बुरा सपना हो,
तुम कल भी मेरे थे, और आज भी अपने हो,
काश वोह पल लौट जाए,वोह पहले जैसी बात हो,
मुझे जिसकी है तलाश वो मेरे साथ हो .
बीते हुए कल की मुझे है तलाश ,
उस सुनहरे पल की मुझे है तलाश।


Wow!
ReplyDeleteWow!
ReplyDeleteThanks,Neha!!!Appreciate it!
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